Top Story

वेकोलि पेंच क्षेत्र में भ्रष्टाचार - अधिकारियों द्वारा इसे दबाने पर कल्याण समिति ने किया बहिष्कार

परासिया: वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड का पेंच क्षेत्र अब भ्रष्टाचार और अधिकारियों द्वारा इसे दबाने की घटनाओं के लिए अपनी पहचान बनाते जा रहा है। क्षेत्र के नए आए जीएम ने इसी राह पर चलते हुए आज वेकोलि के डाईरेक्टर पर्सनल डा संजय कुमार को क्षेत्र के दौरे और संस्थाओ के निरीक्षण से दूर रखा। इसका नतीजा भी जबरदस्त रहा। कल्याण समिति ने डीपी के कार्यक्रम का ही बहिष्कार कर दिया।

डारेक्टर पर्सनल वेकोलि के वे सबसे बडे अधिकारी है जिनसे श्रमिक कल्याण विभाग सीधे जुडा है। हर बडे निर्णय के पीछे उनको माना जाता है। जब वे क्षेत्र में आए तो जिम्मेदार मजदूर संगठन उन्हें उनके कर्तव्यों और काम ढील, लापरवाही, भ्रष्टाचार, गुणवत्ता के अभाव से अवगत कराना चाहते थे। नए आए जीएम सुहास पंडया को इसकी भनक लगी। उन्होंने एरिया वेलफेयर कमेटी को डीपी के दौरे से दूर कर दिया। न तो उन्हें निरीक्षण के लिए बुलाया न डीपी के साथ उन्होंने बैठक की व्यवस्था की।

इससे पहले यह परंपरा रही है कि एरिया वेलफेयर कमेटी डीपी केसाथ निरीक्षण के दौरान मौजूद रहती है। चूंकि एरिया वेलफेयर कमेटी मजदूर कल्याण के मुद्दों पर क्षेत्र में जवाबदेह है इसलिए उनकी मौजूदगी अहम होती है।

चर्चाओं में एसओ सिविल उनकी कारगुजारी

गौरतलब है कि क्षेत्र में इन दिनों एसओ सिविल प्रबोध कुमार झा अपनी कारगुजारियों के चलते निशाने पर है और सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। 11करोड के मरम्मत के काम बिना किसी आदेश के चालू करने और इस काम में भ्रष्टाचार को लेकर अंगुलियां उनकी ओर उठ रही है। डीपी के साथ वेकोलि के जीएम सिविल भी थे। इसलिए जीएम पंडया को ये चिंता थी कि कहीं वेलफेयर कमेटी कामों की शिकायत न कर दे। क्येांकि जीएम भी मुखिया होने केनाते जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

गलतियों को छुपा रहे जीएम-निर्मल राहा

वेलफेयर कमेटी के सदस्य निर्मल राहा ने कहा कि गलतियों को जीएम क्यों छुपाना चाहते है। उन्होंने कहा कि यदि काम में गलतियां की गई है तो एसओ सिविल इसका परिणाम भुगतेंगे। जीएम इसमें क्यों हिस्सेदार बन रहे है। उन्होंने कहा कि हम एडब्ल्युसी को दौरे से दूर रखने की निंदा करते है।

बीएमएस ने किया बहिष्कार

इससे नाराज होकर बीएमएस ने आज डीपी के कार्यक्रम का बहिष्कार किया। बीएमएस के महामंत्री शिवदयाल बिसंदरे ने कहा कि क्षेत्र की कई समस्याएं है जिनकी चर्चा डीपी से जरूरी थी। प्रबंधन समस्याओं से भाग रहा है।