खसरा-रूबेला जैसी खौफनाक बिमारियों का खातमा करें
खसरा (मीजल्स) एक जानलेवा रोग है जो खांसने ओर छींकने से एक बीमार बच्चे से दूसरे बच्चे में फैलता है । यह बच्चो में गंभीर कुपोषण, दस्त, निमोनिया और दिमागी बुखार भी कर सकता है। बीमार बच्चे में बुखार, शरीर पर लाल दाने, नाक बहना, आंँख आना आदि लक्षण से
इसकी पहचान होती है। गर्भवती स्त्री में रूबेला संक्रमण से अजन्मे बच्चे में जन्मदोष (congenital birth defects) जैसे अन्धापन, बहरापन, मंदबुद्धि और दिल में सुराख जैसी भयंकर बीमारी हो सकती है।
अगर आपका बच्चा 9 माह से 15 वर्ष की आयु वर्ग में है तो उसे MR vaccine का टीका जरुर लगवाएं। अगर बच्चे को पहले से खसरे या MMR का टीका लगा हुआ है, तब भी उसको इस अभियान के दौरान एक अतिरिक्त MR की खुराक जरुर लगवाएं। यह बच्चे की सेहत के लिए फायदेमंद होगा। MR का टीका स्कूलों में , अस्पतालों में और आंगनवाडी केन्द्रों पर बिलकुल मुफत लगाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने में आपका सहयोग बहुत जरुरी है। क्यों एक भी हमारा बच्चा खसरा- रूबेला जैसी खौफनाक बिमारियों से तकलीफ पाय े या जान गवांए, खास कर तब, जब आज हमारे पास उन से बचने के लिए बेहद सुरक्षित और कारगर MR vaccine मौजूद है। आपने पालियो से बचाव के लिए खूब साथ दिया और देते आ रहे हैं। अब खसरा-रूबेला जैसी खौफनाक बिमारियों का खातमा करें।
इसकी पहचान होती है। गर्भवती स्त्री में रूबेला संक्रमण से अजन्मे बच्चे में जन्मदोष (congenital birth defects) जैसे अन्धापन, बहरापन, मंदबुद्धि और दिल में सुराख जैसी भयंकर बीमारी हो सकती है।
अगर आपका बच्चा 9 माह से 15 वर्ष की आयु वर्ग में है तो उसे MR vaccine का टीका जरुर लगवाएं। अगर बच्चे को पहले से खसरे या MMR का टीका लगा हुआ है, तब भी उसको इस अभियान के दौरान एक अतिरिक्त MR की खुराक जरुर लगवाएं। यह बच्चे की सेहत के लिए फायदेमंद होगा। MR का टीका स्कूलों में , अस्पतालों में और आंगनवाडी केन्द्रों पर बिलकुल मुफत लगाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने में आपका सहयोग बहुत जरुरी है। क्यों एक भी हमारा बच्चा खसरा- रूबेला जैसी खौफनाक बिमारियों से तकलीफ पाय े या जान गवांए, खास कर तब, जब आज हमारे पास उन से बचने के लिए बेहद सुरक्षित और कारगर MR vaccine मौजूद है। आपने पालियो से बचाव के लिए खूब साथ दिया और देते आ रहे हैं। अब खसरा-रूबेला जैसी खौफनाक बिमारियों का खातमा करें।