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जुन्नारदेव की घटना के बाद छात्रावास और आश्रमों के नियम बदले

छिन्दवाड़ा: हाल ही में जुन्नारदेव की घटना के सबक लेने के बाद आदिवासी विकास विभाग के अधीन संचालित सभी छात्रावास और आश्रमों के नियम सख्त कर दिए गए हैं। छिन्दवाड़ा कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने इसकी गाइड लाइन जारी की और अधीक्षकों पर भी पाबंदी लगाई है। नए नियमो के बारे में जानकारी देते हुए कलेक्टर ने बताया कि छात्रावास/आश्रमों में छात्र-छात्राओं के पालक/अधिकृत व्यक्ति की जानकारी जैसे रिश्तेदार का नाम, पता, फोटो आदि पूर्व से ही पंजी में संधारित किया जाये एवं केवल उन्हीं व्यक्तियों को सिर्फ रविवार को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मिलने की अनुमति दें जिनकी जानकारी प्रदान की गयी है। बालक/कन्या छात्रावास/आश्रमों में शाम 5 बजे के पश्चात किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दें। छात्र-छात्राएं जब भी अवकाश पर संस्था से बाहर जाए तो छात्रावास/आश्रम की पंजी में दर्ज उनके अभिभावक के साथ ही उन्हें भेजे अन्यथा अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं दें। Chhindwara Chatrawas Rules

छात्रावास/आश्रमों के अधीक्षक/अधीक्षिका अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास करें एवं छात्र-छात्राओं के भोजन के समय अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें जिससे खाने में कोई त्रुटि या गंदगी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण किया जा सकें। बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर तत्काल हटाने की कार्यवाही की जाएगी। अधीक्षक/अधीक्षिकाएं बिना अनुमति के जिला मुख्यालय/विकासखंड मुख्यालय पर नहीं जाए। छात्र-छात्राओं की प्रतिदिन प्रात: एवं शाम के समय नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज करें। भोजन, नाश्ते का मीनू नोटिस बोर्ड में अंकित करें तथा छात्रावास/आश्रम में प्रशासनिक अधिकारियों जैसे विभाग प्रमुख, क्षेत्रीय अधिकारी, चिकित्सक आदि सभी संबंधित के नाम एवं मोबाईल नंबर अनिवार्यत:अंकित करें। इसके अलावा अन्य प्रतिबंध लगाए गए हैं। #Chhindwara