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सुनील उइके की पहल पर जिंदगी और मौत से जूझ रही पीहू को एक लाख स्वीकृत

जुन्नारदेव: जिंदगी और मौत के साथ ही प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों के चलते उचित उपचार के अभाव में निराश मरावी परिवार को अंततः मध्य प्रदेश सरकार का साथ मिल ही गया। वाटर बर्न के चलते लगभग 45 फ़ीसदी से अधिक झुलस चुकी छिंदवाड़ा निवासी कुमारी पीहू मरावी के लिए मंगलवार का दिन बड़ी उम्मीदें लेकर आया कि जब जिले के जुन्नारदेव विधानसभा के आदिवासी विधायक सुनील उईके की पहल पर मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा संवेदनशीलता का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करते हुए रुपए एक लाख की तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा देश के नौजवान आदिवासी सैनिक की इस पुत्री के पूर्ण स्वस्थ होते तक के चिकित्सा शुल्क सहित अन्य खर्च को वहन किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि सोमवार की बीती रात्रि को सोशल मीडिया के व्हाट्सएप पर स्थानीय विधायक सुनील उईके को इस बालिका की मदद से संबंधित संदेश अजनबी नंबर से प्राप्त हुआ था, जिस पर त्वरित संज्ञान लेकर विधायक सुनील उईके जिला मुख्यालय स्थित आनंद अस्पताल में पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें इस संदर्भ में पूर्ण मदद का आश्वासन दिया गया था। इसके तत्काल बाद मंगलवार सुबह को विधायक के द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ के दावोस प्रवास पर होने के चलते उनके निज सचिव संजय श्रीवास्तव से चर्चा की गई, जिसके फलस्वरूप पीड़ित बालिका कुमारी पीहू मरावी को मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा एक लाख रुपए की प्राथमिक मदद स्वीकृत कर ली गई है।

आदिवासी बालिका पीहू को स्वस्थ कराने की अब हमारी होगी जिम्मेदारी- सुनील उइके

इसके अतिरिक्त उसके पूर्ण स्वस्थ होने तक की भी सारी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। जिंदगी और मौत से जूझ रही कुमारी पीहू मरावी के परिवार को मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री कमलनाथ और छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ के मानवीय दृष्टिकोणयुक्त व्यवहार के प्रति आम जनों ने आभार ज्ञापित किया है। विधायक सुनील उईके की इस पहल के बाद देश की हिमाचल प्रदेश की सीमा पर दुश्मनों से जूझ रहे बालिका के पिता मनोज मरावी और उनकी पत्नी मोनिका मरावी ने भी राहत की सांस ली है।