किसानों को कपास की फसल की बुआई की सलाह
छिन्दवाड़ा: भारत सरकार के भारतीय मौसम विभाग पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से संबध्द आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र छिन्दवाड़ा द्वारा किसानों को सलाह दी गई है कि कपास की फसल की बुआई के लिये खेतों की अंतिम जुताई के पूर्व अनुशंसित गोबर की खाद 5 टन प्रति हेक्टेयर असिंचित खेत में और 10 टन प्रति हेक्टेयर सिंचित खेत में डालकर अच्छी तरह से मिट्टी में मिलायें । सिंचित कपास की बुआई जून के पहले से दूसरे सप्ताह में अनुशंसित दूरी पर करें । बुआई के समय एन.पी.के. 30:60:60 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से उर्वरक का उपयोग करें । जून में समय पर बुआई करने से गुलाबी बोर्लवर्म के शुरूआती संक्रमण से बचाव में मदद मिलती है, इसलिये किसानों को जल्द से जल्द से बुआई करने की सलाह दी गई है ।