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जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में स्पीच थैरेपी एवं सुनने की जांच की सुविधा का लाभ लेने का अनुरोध

छिन्दवाडा: छिन्दवाडा नगर के मोहबे मार्केट स्थित प्रताप शाला के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में ऐसे व्यक्ति जिन्हें कानों से सुनने और बोलने में परेशानी होती है, उनके लिये स्पीच थैरेपी और सुनने की जांच की जा रही है। प्रभावित बच्चे या व्यक्ति इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
   जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सचिव ने बताया कि ओ.ए.इ. के द्वारा कान के तीसरे हिस्से की जाचं (कॉकलीयर) और सुनने की नसों की जांच की जाती है। इसी प्रकार स्पीच थैरेपी के अंतर्गत जो बच्चे बोल नहीं पाते है, जिन बच्चों को कान की मशीन लगी है, जिन बच्चों का कॉकलीयर इम्पलांट हुआ है, उन बच्चों को स्पीच थैरेपी से बोलना सिखाया जाता है। इस थैरेपी से बच्चों में हकलाना, तोतलापन आदि दूर होता है और ऑपरेशन होने के बाद स्पीच थैरेपी लेने से ही बच्चा बोल पाता है। इस थैरेपी से बच्चे सभी के साथ हम जैसा बोल पायेंगे। दिव्यांग बच्चे स्पीच लेने से सामान्य स्कूल में प्रवेश ले सकते हैं तथा स्पीच थैरेपी से दिव्यांगता को बढने से रोका जा सकता है।