12 से कम उम्र की लड़की के बलात्कारी को सजा-ए-मौत किस धारा के तहत दी जाती है - ASK IPC
सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर प्रसारित करवाया गया था कि 12 साल से कम उम्र की लड़की का बलात्कार करने वाले अपराधी को सजा-ए-मौत का प्रावधान किया गया है लेकिन कई पुलिस थानों में जानकारी के अभाव में इस तरह के प्रश्न को धारा 376 के तहत दर्ज कर लिया जाता है। आइए यह समझते हैं कि सरकार ने आईपीसी की धारा 376 में क्या बदलाव किया था। जिसके कारण बलात्कारी को सजा-ए-मौत दी जा सकती है।
भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 376 कख की परिभाषा:-
अगर कोई व्यक्ति 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ बलात्संग करता है, या जबर्दस्ती उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता है, या बहला-फुसला कर मैथुन (संभोग) करता है तब वह व्यक्ति धारा 376 -कख का दोषी होगा।
भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 376 कख़ के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-
इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते हैं, यह अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं। इनकी सुनवाई का अधिकार सेशन न्यायालय को होता है। सजा :- कम से कम 20 वर्ष की कठोरतम कारावास या आजीवन कारावास जो मृत्यु तक हो सकती है ओर साथ मे जुर्माना भी।
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