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इन्हें मौत भी जुदा नहीं कर सकी! पत्नी के गुजर जाने के बाद पति ने भी तोड़ा दम

प्रियंका चोपड़ा और रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘बर्फी’ की एंडिंग ऐसी थी, जिसने सभी को इमोशनल कर दिया था। अनकंडिशनल लव को दिखाती इस मूवी के अंत में लीड पेयर को साथ में ही दुनिया को अलविदा कहते दिखाया जाता है। इस तरह का प्यार रियल लाइफ में दिख पाना मुश्किल सा लगता है, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसे रियल लाइफ कपल की कहानी वायरल हो रही है, जिन्हें मौत भी ज्यादा दिनों तक जुदा नहीं रख सकी।

इंटरनेट पर सामने आई कहानी
इंस्टाग्राम पेज humansofny पर शेयर की गई यह स्टोरी सभी को इमोशनल कर रही है। कपल की बेटी ने इस पूरी कहानी को खुद बयां किया है। ‘मेरे पिता की पांच बेटियां हैं। जब भी वह वर्क ट्रिप से घर आते थे, तो हम सब लाइन बना लेते थे ताकि उन्हें वेलकम किस दे सकें। लेकिन जब वह घर आते, तो सबसे पहले हमारी मां को किस करते क्योंकि वह उनका पहला प्यार थीं।’ आगे बताया गया कि कैसे वे सभी घूमने जाते या फिर घर पर पार्टी होती, तो उनके पिता हमेशा बॉलिवुड के पुराने रोमांटिक गाने गाया करते क्योंकि उनकी मां को ये पसंद था। इस तरह का प्यार बेटियों के लिए तो आम बात थी, लेकिन उन्हें पता था कि उनके कल्चर में इस तरह प्यार का इजहार करना आम नहीं था।

और फिर ट्यूमर बदलता गया जिंदगी
कहानी में बताया गया ‘मेरी मां को पिता की हर चीज पसंद थी। वह उनके लिए हमेशा खासतौर से तैयार होतीं। अपने बालों को ठीक वैसे ही स्टाइल करतीं, जैसे पिता को पसंद थे और साथ में लाल लिपस्टिक लगातीं।’ आगे बताया गया कि कैसे ब्रेन ट्यूमर उनकी जिंदगी में चैलेंज लेकर आया। ‘उनका ट्यूमर ब्रेन में काफी डीप में था। हर सर्जरी के बाद वह और भी ज्यादा कमजोर होती जातीं और ये उनमें बदलाव लाता जाता। वह अच्छे से चल नहीं पाती थीं, जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी, इसलिए दोनों जहां भी जाते पापा हमेशा उनका हाथ पकड़े रहते। वह उनके बेड के पास बैठे रहते और तब तक कुरान पढ़ते रहते, जब तक उनके होंठ नहीं सूख जाते। कई बार तो उनकी वहीं नींद लग जाती और जब वह जागते, तब फिर से कुरान पढ़ना शुरू कर देते।’

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‘तुम अकेली नहीं रहोगी, मैं भी तुम्हारे साथ आ रहा हूं’

जब लगा कि पत्नी अब नहीं बचेगी, तो पति ने कहा कि वह भी इस दुनिया को अलविदा कह देंगे। ‘मां के आखिरी समय में मेरे पिता उनके कान के पास जाकर कहते तुम अकेली नहीं रहोगी, मैं भी तुम्हारे साथ आ रहा हूं।’ बेटी ने बताया कि पिता कि बातें सुन उन्हें बहुत गुस्सा आता था, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था कि उनके पिता की नजरों में उनकी कोई वैल्यू ही नहीं है और वे उनके लिए जिंदा रहने की कोशिश नहीं कर सकते। हालांकि, सच तो यह था कि उनके बच्चे बड़े हो चुके थे और उन सभी के परिवार थे। ‘मुझे लगता है कि वह महसूस करते थे कि उनके लिए अब कुछ बाकी नहीं रह गया है।’

फोटो साभार: इंस्टाग्राम@humansofny


फोटो साभार: इंस्टाग्राम@humansofny

पास में ही कब्र बुक की
बेटी ने बताया कि कैसे मना करने के बाजवूद उसके पिता रोज मां की कब्र पर जाया करते थे। उन्होंने तो पत्नी की कब्र के पास की जगह भी अपने नाम करवा ली थी। ‘वह हम से बार-बार पूछते कि क्या हमारे पास कब्रिस्तान के ऑफिस से फोन आया। आखिरकार जब पेपरवर्क घर आए, तो मैं बस खीजकर रह गई। लेकिन वह इसके बाद से अचानक शांत से रहने लगे। दो दिन तक उन्होंने मुश्किल से कुछ शब्द कहे थे। तीसरी सुबह वह घर के सामने वॉक कर रहे थे और उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है। मैं उनके जूते बांधने के लिए नीचे झुकी, लेकिन वह अचानक गिर पड़े।’ बेटी ने बताया कि जब तक ऐंबुलेंस आती तब तक उनके पिता का निधन हो चुका था।