Top Story

इंदौर में नकली रेमडेसिवर बेचने वाले आरोपियों के तोड़े जाएंगे घर, 21 पर लगा रासुका

इंदौर नकली कारोबार करने वाले लोगों इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की शीशी में पानी भरकर बेचे हैं। अब इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन केस में दो दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस इन आरोपियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई कर रही है। इंदौर जोन के आईजी ने कहा है कि इसमें शामिल सभी आरोपियों के घर तोड़े जाएंगे। दरअसल, इंदौर में नकली इंजेक्शन से एक दंपती का मौत मामाले सामने आया है। परिवार के लोगों ने नकली इंजेक्शन बेचने वाले को पकड़ लिया। वह स्वीकार कर रहा है कि 20-20 हजार रुपये में पानी भरकर इंजेक्शन बेचा है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में पकड़े गए 11 आरोपियों में से 6 पर रासुका की कार्रवाई की गई है। कोरोना काल में इंदौर में जरूरी दवाओं की जमकर कालाबाजारी हुई है। पुलिस ने अभी तक इस मामले में 21 लोगों पर रासुका के तहत कार्रवाई की है। इंदौर संभाग के आईजी हरिनारायण चारी मिश्रा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में इस तरह से जीवन रक्षक दवाइयों की कालाबाजारी करना अक्षम्य अपराध है। गिरफ्तार आरोपी गुजरात के मोरवी से 1200 नकली इंजेक्शन लेकर प्रदेश में पहुंचे थे। जांच में यह बात सामने आई है कि 1200 इंजेक्शन में से 500 नकली इंजेक्शन जबलपुर में इनलोगों ने खपाए हैं। इसके साथ ही आरोपियों ने इंदौर के आसपास के जिलों में भी इंजेक्शन खपाया है। गिरफ्तार 21 आरोपियों की संपत्ति जांची जा रही है। अवैध संपत्तियों को नेस्तनाबूत किया जाएगा। आईजी ने कहा कि अगर कोई अस्पताल संचालक इसमें शामिल रहा तो उसके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी। आईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नकली रेमडेसिविर बेचने वालों की कॉल डिटेल निकाली जाए। यदि उसमें से कोई भी पीड़ित यह शिकायत करता है, नकली इंजेक्शन से मौत हुई है तो आरोपी पर 304 ए गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाए। साथ ही आईजी ने स्पष्ट कर दिया कि नकली इंजेक्शन बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी संपत्ति का ब्योरा भी निकाला जाए। आरोपियों के घरों को जमींदोज भी किया जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन द्वारा लगातार पकड़े गए आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, एमपी के इंदौर और जबलपुर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। वहीं, कालाबाजारी की पूरी चेन तोड़ने के लिए पुलिस ने हर जिले एक एसआईटी गठित की है। इसमें एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले लोग सोशल मीडिया के जरिए पीड़ितों तक पहुंच रहे हैं।


from Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश न्यूज़, Madhya Pradesh Samachar, मध्य प्रदेश समाचार, Madhya Pradesh Ki Taza Khabar, मध्य प्रदेश की ताजा खबरें, MP News | Navbharat Times https://ift.tt/3twdvJC
via IFTTT