उत्तर प्रदेश के चित्रकूट की हाई सिक्यूरिटी रगौली जेल में पिछले शुक्रवार को हुए शूटआउट में तीन कुख्यात अपराधी मारे गए। खालिस प्रशासनिक नजरिये से इसे गैंगवार की एक कड़ी और जेल-सुरक्षा में सेंध का मामला कहना मुनासिब होगा। कम से कम योगी सरकार इस सनसनीखेज वारदात की घोषित जांच को इन्हीं आयामों तक सीमित रखना चाहेगी, जबकि इस अवसर पर उनके शासन की बहुप्रचारित एनकाउंटर नीति के प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर पड़े विपरीत प्रभाव के पेशेवर विश्लेषण की जरूरत है।
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