'पब्लिकली नहीं सहा जाता कलेक्टर की डांट', कोरोना कराहते इंदौर की सीएमएचओ ने भेजा इस्तीफा

इंदौर एमपी इंदौर सबसे ज्यादा कोरोना से प्रभावित है। इस बीच अधिकारियों में संग्राम छिड़ गया है। इंदौर सीएमएचओ ने कलेक्टर के व्यवहार से दुखी होकर अपना इस्तीफा भेज दिया है। इसे लेकर इंदौर में राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला सीएमएचओ को मनाने उनके दफ्तर पहुंचे थे। इंदौर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गाडरिया ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा खुद जारी किया। प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त के नाम भेजे गए इस्तीफे में गाडरिया ने हालांकि इस कदम के पीछे किसी भी कारण का उल्लेख नहीं किया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर मनीष सिंह की बदतमीजी का लगातार शिकार होने कारण उन्हें शासकीय सेवा से त्यागपत्र देने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैं पिछले कुछ दिनों से देख रही हूं कि जिलाधिकारी मुझसे लगातार बदतमीजी से बात कर रहे हैं। वह अपनी हर नाकामी का ठीकरा हम पर फोड़ते हैं और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को निकम्मा कहते हैं। दो-तीन दिन पहले भी बैठक में बदसलूकी उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने दो-तीन दिन पहले हुई एक बैठक में भी मुझसे बदतमीजी की थी। जिले के एक अस्पताल में किसी व्यक्ति को चिकित्सा किट नहीं मिलने पर उन्होंने आज फिर मुझसे फोन पर बदतमीजी से बात की और मुझे धमकाया कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूं, वरना वह मुझे निलंबित कर देंगे। पब्लिकली डांट सहा नहीं जाता महिला अधिकारी ने कहा कि मुझे लगा कि निलंबित होने से अच्छा है कि मैं इस्तीफा ही दे देती हूं। उन्होंने कहा कि वह पब्लिकली डांटते हैं, जो सहा नहीं जाता है। कलेक्टर की सफाई वहीं, गाडरिया के आरोपों को खारिज करते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने दावा किया कि वह स्वास्थ्य विभाग के अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रही हैं, जिससे महामारी के दौर में आमलोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खुड़ैल क्षेत्र के ग्रामीणों ने आज मुझसे शिकायत की कि वे जब कोविड-19 की जांच कराने फीवर क्लीनिक जा रहे हैं, तो उन्हें चिकित्सा किट नहीं मिल रही है। इस बारे में मैंने गाडरिया से बात की थी। वहीं, सीएमएचओ के इस्तीफे की खबर सुनकर कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने सीएमएचओ से अपील की है कि मुश्किल के दौर में वह अपना इस्तीफा वापस ले लें। इसके अलावे मानपुर के मेडिकल ऑफिसर डॉ आर.एस तोमर ने एसडीएम अभिलाष मिश्रा पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। कोरोना काल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी और मानपुर के मेडिकल ऑफिसर द्वारा इस तरह इस्तीफा देने से प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,19,902 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,176 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
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