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Chhindwara News: 25-25 हजार में बेचे जा रहे थे रेमडेसिविर इंजेक्शन, तीन आरोपित पकड़ाए


छिंदवाड़ा। 
कोरोना संक्रमित मरीज को लगाए जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी लगातार जिले में जारी है। जिला अस्पताल व प्रायवेट कोविड अस्पताल से जुड़े कर्मचारी ही इस कालाबाजारी में शामिल पाए जा रहे है। कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपितों को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते पकड़ा है जिनके पास से पुलिस ने पांच इंजेक्शन जब्त किए है जिसे वह2 5-25 हजार रुपये में बेच रहे थे।

पकड़े गए आरोपितों में एक मुख्य आरोपित ओमप्रकाश नागवंशी शहर के कोविड प्रायवेट अस्पताल बालाजी का कर्मचारी है जो कि मेल नर्स के पद पर पदस्थ था। जो कि अपने दाे साथियों राजा तिवारी तथा अखिलेश शर्मा के साथ इस कालाबाजारी को अंजाम दे रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपित ओमप्रकाश नागवंशी जो बालाजी अस्पताल में कोविड मरीजों को इंजेक्शन भी लगाया तथा इस दौरान वह वहां से इंजेक्शन चोरी करता था तथा अपने साथियों के साथ जरुरतमंदों को तलाशता था तथा मंहगे दाम में बेचता था। आरोपित के पास से पांच भरे व दो खाली इंजेक्शन मिले है इसके साथ ही तीन मोबाइल तथा दो बाइक भी पुलिस ने जब्त की है।

कोतवाली पुलिस को मुखबिर की सूचना पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों की जानकारी लगी थी जिसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी मनीष राज भदौरिया ने पुलिस कर्मी को खरीददार बनकर आरोपितों से मिलने पहुंचाया तथा इंजेक्शन 25 हजार रुपये में खरीदने तथा चार फाटक के पास मिलने का तय हुआ।

कोतवाली पुलिस ने तीन आराेपित को सोमवार की देर रात घेराबंदी कर पकड़ा था। पुलिस ने इस मामले की जांच कर बालाजी अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की है तथा मंगलवार को मुख्य आरोपित को न्यायालय में पेश कर रिमांड का लिया है जिससे पूछताछ की जाएगी कि वह किस तहत इंजेक्शन चोरी करता था तथा कौन काैन इस कालाबाजारी में शामिल है।

सभी आरोपित ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले हैं जिनके बारे में पुलिस और जानकारी जुटा रही है कि वह कब से इस इंजेक्शन की कालाबाजारी में शामिल है। पकड़े गए आरोपितों पर पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है इसके साथ ही 269, 379, 201, 34 के तहत मामला दर्ज किया है।