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Remdesivir Injection Black Marketing: ग्वालियर एसटीएफ छिंदवाड़ा से एक युवक को ले गई साथ


छिंदवाड़ा। 
ग्वालियर एसटीएफ ने शनिवार को सिवनी के एक युवक को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। एसटीएफ ने सूचना के बाद जिला सिवनी निवासी आरोपित कमलेश्वर प्रसाद दीक्षित को 8 मई को ग्वालियर रेलवे स्टेशन से पांच रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पकड़ा था। टीम ने मरीज की इलाज की पर्ची मोबाइल पर भेजकर कलेश्वर दीक्षित को अपने झांसे में लिया था तथा एक लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ जिसके बाद वह रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर ग्वालियर पहुंचा था। आरोपित कमलेश्वर दीक्षित ने पूछताछ में ग्वालियर एसटीएफ को इंजेक्शन सिवनी व छिंदवाड़ा के प्रायवेट कोविड अस्पताल से हासिल करना बताया था।

इस सूचना के बाद एसटीएफ ग्वालियर सक्रिय हो गई तथा उसके बाद टीम सिवनी तथा छिंदवाड़ा पहुंची थी। टीम ने सोमवार की देर रात देहात थाना क्षेत्र के कुकडा जगत नई आबादी से गणेश पिता गोसाई कोलोरे 35 वर्ष को पकड़ा है। यह कार्रवाई युवक के मोबाइल लोकेशन के आधार पर की गई थी। देहात पुलिस के सहयोग से इस युवक को उसके घर से एसटीएफ ने पकड़ा तथा अपने साथ ग्वालियर ले गईं। एसटीएफ की टीम में एसटीएफ टीआइ तथा एएसआइ शामिल थे जो ड्रायवर को साथ लेकर ग्वालियर के लिए रवाना हो गए।

बताया जा रहा है यह गणेश पेशे से ड्रायवर है इसका ग्वालियर में पकड़े गए कमलेश्वर दीक्षित से क्या संंबंध है तथा कैसे यह उसकी मदद करता था। इस संबंध में जिले के आलाधिकारी कुछ भी जानकारी देने से बच रहे हैं। हालांकि एसटीएफ के आने से यह बात तो साफ हो गई कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के तार जिले से जरुर जुड़े हुए है।

सूत्र बताते हैं कि एसटीएफ पूछताछ में यह भी बात सामने आ रही है कि पकड़ा गया आरोपित कमलेश्वर लगातार जिले के प्रायवेट कोविड अस्पताल आता था तथा वहां के कई दलालों से वह संपर्क में था। एसटीएफ अभी ड्रायवर को साथ ले गई है जिसके बाद उससे पूछताछ में भी कई नाम सामने आ सकते है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में किसी टैक्सी ड्रायवर की संलिप्तता की बात सामने आई थी। इस बारे में अंतिम जानकारी एसटीएफ के माध्यम से ही प्राप्त हो पाएगी।