Shivpuri Coronavirus News: अस्पताल में उपलब्ध था ऑक्सिजन, फिर भी तड़पते हुए गई मरीज की जान, कर्मचारियों के पास नहीं थी सिलेंडर की चाबी

शिवपुरी कोरोना काल में लोग अस्पताल और डॉक्टरों के भरोसे हैं, लेकिन यदि वे ही लापरवाही करने लगें तो आम लोगों की हालत क्या होगी, इसकी बानगी गुरुवार को मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के में देखने को मिली। करैरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते एक मरीज की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचे मरीज को ऑक्सिजन की जरूरत थी। अस्पताल में ऑक्सिजन मौजूद था, लेकिन कर्मचारियों के पास उसकी चाबी नहीं थी। जब तक चाबी का इंतजाम होता, तब तक मरीज की तड़प कर मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक 50 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता को अचानक घबराहट हुई तो उनके बेटे उन्हें लेकर करैरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें भर्ती किया गया, लेकिन कोरोना का टेस्ट नहीं किया गया। थोड़ी देर बाद हालत बिगड़ी तो परिजनों ने उन्हें दूसरी जगह रेफर करने का आग्रह किया, लेकिन डॉक्टरों ने इनकार कर दिया। गुप्ता को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ऑक्सिजन लगाने पर उन्हें थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ मिनट बाद ही ऑक्सिजन खत्म हो गया। अस्पताल में ऑक्सिजन का दूसरा सिलेंडर भी उपलब्ध था। मरीज के बेटों ने डॉक्टर से दूसरा सिलेंडर लगाने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि दूसरे सिलेंडर की चाबी नहीं है। इसका नतीजा यह हुआ कि थोड़ी देर बाद मरीज की तड़प कर मौत हो गई।
दो दिन पहले ही पूर्व विधायक जसवंत जाटव ने स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना के उपचार की सारी व्यवस्थाएं करवाई थीं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। कुछ दिनों पहले सांसद विवेक नारायण शेजवालकर,ने भी अस्पताल में व्यवस्थाओं के लिए कुछ राशि दी थी। इसके बावजूद यहां के स्टाफ और डॉक्टरों की लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा बन रही है।
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