219 साल से चली आ रही परंपरा दूसरी बार टूटी... इस साल नहीं निकलेगी वाराणसी में जगन्नाथ यात्रा

अभिषेक जायसवाल, वाराणसीवाराणसी में लगातार दूसरे साल लक्खा मेले में शामिल होने वाली जगन्नाथ रथयात्रा मेले को स्थगित कर दिया गया है। कोरोना के कारण 219 सालों में दूसरी बार ऐसा है जब आयोजकों में मेले को रद्द किया है। पुरी की तर्ज पर वाराणसी में श्री जगन्नाथ जी ट्रस्ट की ओर से सन 1802 से प्रतिवर्ष तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है। लक्खा मेले में रथ पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से निकलकर तीन दिनों के लिए भक्तों के बीच आते थे। रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों का हुजूम उमड़ता था। तीन दिनों के मेले में लाखों लोग आते थे इसलिए इसे लक्खा मेला भी कहा जाता था। लेकिन इस बार कोरोना के कारण भक्तों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर सभी आयोजन को रद्द कर दिया गया। जलयात्रा में भी भक्तों को एंट्री नहींट्रस्ट के सचिव आलोक शापुरी ने बताया कि कोरोना के कारण इस बार भगवान जगन्नाथ के जलयात्रा से लेकर रथयात्रा तक कज परम्परा को सांकेतिक तौर पर मनाया जाएगा। अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर में गुरुवार को जलयात्रा से भी भक्तों को दूर रखा गया है। भक्तों में मायूसीवाराणसी में भगवान जगन्नाथ के रथयात्रा के मेले को रद्द करने के फैसले के भक्तों में मायूसी है। प्रतिवर्ष दर्शन करने आने वाली भक्त रानी ने बताया कि साल में सिर्फ एक बार ही ऐसा मौका होता है जब भगवान मंदिर से बाहर भक्तों के बीच आकर दर्शन देते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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