एमपी में कोरोना की दूसरी लहर परास्त, क्या है तीसरी की तैयारी... सीएम शिवराज से जानिए

भोपाल एमपी कोरोना की दूसरी लहर पर ब्रेक लगा है। पॉजिटिविटी रेट एक फीसदी से नीचे पहुंच गया है। अब शहरों को अनलॉक करने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही तीसरी लहर से निपटने को लेकर सरकार की क्या तैयारी है, इन तमाम मुद्दों पर एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान से हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के पॉलिटिक्ल एडिटर अखिलेश कुमार सिंह ने एक्सक्लूसिव बातचीत की है। उन्होंने बताया है कि कैसे कोरोना की दूसरी लहर से लड़ाई लड़ी है। सवाल : आपको नहीं लगता है कि सरकारें कोरोना की दूसरी लहर की घातकता को लेकर अनभिज्ञ थी? जवाब : शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने कोरोना की दूसरी लहर का अनुमान लगाया था। हालांकि जैसा कि आप कह रहे हैं कि इसकी घातकता और क्रूरता हमारे अनुमान से अधिक थी। वायरस म्यूटेशन के कारण के पूरे देश में महामारी से लड़ने में जटिलताएं बढ़ीं। हालांकि, तमाम कमियों के बावजूद शुरुआती दिनों में एमपी ने प्रभावी तरीके से इससे लड़ा। उन्होंने कहा कि हम अपनी चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। और हमेशा सतर्क रहें। सवाल : प्रतिबंध हटने के बाद आपकी क्या रणनीति रहेगी? जवाब : शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोगों की मदद से हम एमपी में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में सफल रहे हैं। लोगों ने इस चुनौती को शानदार जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लोगों से सुझाव लेकर अनलॉक की प्रक्रिया की जाएगी। आम लोगों के सुझाव का स्वागत है। उन्होंने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण और भविष्य की रणनिति बनाने के लिए हम मंत्रियों की समीतियां बना रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की योजना तैयार की जाएगी। सवाल : कोरोना नियंत्रण के लिए बीजेपी ने एमपी मॉडल की बात की है। आपने क्या कदम उठाए?जवाब : सीएम ने कहा कि हमने समय रहते पूरे राज्य में कोरोना कर्फ्यू लागू किया है। 'लोगों द्वारा, लोगों की, लोगों के लिए' के विचार को इस मॉडल का मूल बनाया। हमने लोगों से भी सुझाव लिए। अकेले सरकार ने सारे फैसले नहीं लिए। हमने इसका विकेंद्रीकरण किया और विभिन्न स्तरों पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप को रखा। इस ग्रुप में सबसे छोटी इकाई, गांवों, ब्लॉकों, शहरों और जिलों से शुरू होकर, विभिन्न क्षेत्रों के प्रभारी मंत्री, विधायक, सांसद, मजिस्ट्रेट, कलेक्टर, एसपी, सामाजिक और राजनीतिक संगठन के लोग, पंच और सरपंच तक शामिल रहे। इन सभी लोगों के साथ टॉप लेवल के लोग भी ग्रुप में रहते थे। नीचले स्तर के लोगों ने ग्रामीण स्तर पर स्थिति को संभाला। घर-घर जाकर सर्वे के लिए प्रदेश में किल कोरोना अभियान चलाया गया ताकि पता लगाया जा सके कि कोई संक्रमित तो नहीं हुआ और इलाज के लिए दवाएं दी गईं। सवाल : क्या यह सच है कि ऑक्सिजन प्लांट नहीं थे?जवाब : सीएम ने कहा कि हमने पहली लहर के दौरान ऑक्सिजन की क्षमता और उलब्धता का अनुमान लगाया था। इसलिए, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में क्रायोजेनिक टैंक चालू किए गए। नतीजा यह है कि अब हमारे पास निजी क्षेत्र में 595 मीट्रिक टन क्षमता के अलावा, सरकारी अस्पतालों में 323 मीट्रिक टन एलएमओ भंडारण क्षमता है। शिवराज ने कहा कि हम उन व्यक्तियों को भी अनुदान दे रहे हैं जो राज्य में ऑक्सिजन प्लांट स्थापित करने या स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। दूसरी लहर के दौरान मामलों में अचानक वृद्धि हुई और इससे राज्य में ऑक्सिजन की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। हमने इस मांग की पूर्ति के लिए सभी को शामिल किया। निजी क्षेत्र को भी ऑक्सिजन उत्पादन की अनुमति दी गई थी। हमने सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग से भी ऑक्सिजन टैंकरों को लाया। सवाल : आपको नहीं लगता कि टीका को लेकर जो संदेह है, उससे समस्या उत्पन्न होगी?जवाब : शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ ग्रुप ऐसे हैं जो लगातार टीके और टीकाकरण प्रक्रिया के बारे में अफवाहें और झूठी जानकारी फैला रहे हैं। वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं। हमने राज्य में 18 से 44 और 45+ के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। हम नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम टीकाकरण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। सभी चिकित्सा केंद्र इसके लिए तैयार हैं। मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि जाकर टीका लगवाएं और किसी भी गलत सूचना पर विश्नास न करें। सवाल : एक वीडियो वायरल हुआ था कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले लोगों पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही है। क्या पुलिस को इस तरह की कार्रवाई करने की अनुमति दी जा सकती है?जवाब : सीएम ने कहा कि हम पहले से ही मामले को देख रहे हैं। निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमने पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि कोरोना कर्फ्यू लागू करते हुए आम आदमी के प्रति मानवीय रवैया अपनाए। उन्होंने कहा कि अब लोगों को बाहर आने में जोखिम का एहसास हो गया है। मजबूरी में ही बाहर निकलते हैं। पुलिस को इसे समझना होगा और सहानुभूति के साथ काम करना होगा। सवाल: अगर तीसरी लहर आता है तो इससे निपटने के लिए आपकी क्या तैयारी है?जवाब : शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम अपनी चिकित्सा सुविधाओं और संसाधनों में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। किल कोरोना अभियान शुरू किया गया है और टीकाकरण भी जारी है। इसके अलावा, हम उप-शहरी क्षेत्रों, कस्बों और गांवों के चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। नए ऑक्सिजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। पूरी तरह से हम अपनी सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दे रहे हैं। साथ ही हम केंद्र के निर्देशों का भी पालन कर रहे हैं।
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