'काश मैं जितिन और ज्योतिरादित्य का दिमाग पढ़ लेता...', मनीष तिवारी आखिर कहना क्या चाहते हैं?

नई दिल्ली कांग्रेस से हाल में भाजपा में शामिल हुए जितिन प्रसाद को योगी कैबिनेट में जगह मिली है। रविवार को मंत्रिमंडल में शामिल सात नेताओं में वह एकमात्र ब्राह्मण चेहरा हैं। जितिन के कैबिनेट का हिस्सा बनने के बाद मनीष तिवारी ने उनके हृदय परिवर्तन की वजह जाननी चाही। इसमें उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी शामिल किया। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने जितिन और ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- 'जितिन प्रसाद ने कांग्रेस में 2004-14 तक एक पीढ़ी में बदलाव का प्रतिनिधित्व किया है। वह यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके हैं। आज वह बीजेपी के मंत्री हैं।
वह ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर चले। दोनों के दिल कैसे बदल गए। काश मैं उनके दिमाग की बातें पढ़ लेता। जिंदगी आपको हमेशा चौंकाती रहती है। उम्मीद करता हूं कि जितिन को नए अवतार में संतोष मिले।' मनीष तिवारी आखिर क्या कहना चाहते हैं इसका साफ मतलब निकालना तो मुश्किल है। लेकिन, यह सच है कि पिछले कुछ समय से वह पार्टी आलाकमान से उखड़े-उखड़े हैं। इसके कुछ घंटे पहले भी उन्होंने पंजाब में कैबिनेट विस्तार पर हमला किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने चरणजीत सिंह चन्नी की कैबिनेट से सीनियर नेता बलबीर सिंह सिद्धू को बाहर करने के फैसले पर सवाल खड़े किए।
तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मंत्री कौन होना चाहिए या कौन नहीं होना चाहिए यह सीएम का विशेषाधिकार है। हालांकि, मैं यह कहने के लिए विवश हूं कि बलबीर सिंह सिद्धू ने स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कोविड-19 के सबसे बुरे दिनों में शानदार काम किया। जिस निस्वार्थ भाव से उन्होंने काम किया, उसकी तुलना नहीं की जा सकती।' पंजाब कांग्रेस में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच आंतरिक कलह चरम पर थी तब भी उन्होंने एक ट्वीट के जरिये आलाकमान पर निशाना साधा था। सिद्धू के 'ईंट से ईंट बजा देने वाले बयान' का वीडियो पोस्ट करते हुए तिवारी ने उन पर तंज कसा था। तब उन्होंने लिखा था, 'हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती'। यह शेर अकबर इलाहाबादी का है।
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