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अवसाद बन रहा है युवाओं में आत्महत्या का कारण, 4 टिप्स की मदद से मेंटल हेल्थ को रखें दुरुस्त


Tips For Better Mental Health: आज के लाइफस्टाइल में मानसिक समस्या (Mental Problem) होना कोई बड़ी बात नहीं है. अनियमित खानपान, नींद पूरी न होना और नियमित कसरत न कर पाने के चलते शरीर में तनाव और अवसाद (Depression) के लिए रास्ता बन जाता है. लगातार ऐसी ही स्थिति बने रहने से मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर बुरा असर पड़ता है. दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट में मन की सेहत को ठीक रखने के लिए जसलोक अस्पताल के निदेशक डॉक्टर राजेश पारिख (Rajesh Parikh) ने कुछ टिप्स बताए हैं. जिन्हें अपनाकर मानसिक समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.


डॉ राजेश पारिख कहते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में इस वक्त लगभग 80 करोड़ लोग किसी न किसी तरह की मानसिक परेशानी से पीड़ित हैं. इसका मतलब ये है कि दुनिया में हर 10 में से एक व्यक्ति मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या से जूझ रहा है. इसके साथ ही दुनिया में 15 से 29 साल के युवाओं में मौत का सबसे बड़ा कारण आत्महत्या है और इसके लिए अवसाद यानी डिप्रेशन सबसे बड़ी वजह है



भारत में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति 
हमारे ही देश की बात करें तो यहां भी करीब 14 प्रतिशत लोग किसी न किसी मानसिक समस्या से परेशान हैं. भारत में 4 करोड़ लोगों को डिप्रेसिव डिसऑर्डर (Depressive Disorder) और 5 करोड़ लोगों को एंग्जायटी डिसऑर्डर (Anxiety Disorder) की समस्या है. बहुत कम नींद, डाइट में न्यूट्रीशन की कमी, असंतुलित लाइफस्टाइल, एक्सरसाइज की कमी और डेली लाइफ की टेंशन ने मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाने का काम किया है.

 


डॉ परिख ने  बताया कि एक रिसर्च के मुताबिक केवल पौष्टिक आहार यानी न्यूट्रीशन से भरपूर डाइट लेने भर से ही अवसाद में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. रोज की आदतों में बदलाव कर मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा रखा जा सकता है.


स्वीकार करें कि सोशल मीडिया एक लत है, इसे छोड़ें
Psychiatric News के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज्यादा इस्तेमाल से डिप्रेशन बढ़ता है. टीनएजर्स में तो ये आत्मविश्वास कमजोर करता है. इसलिए आपको चाहिए कि फोन की सेटिंग्स में डिजिटल वेलबीइंग एंड पेरेंटल कंट्रोल पर जाएं और इससे अपना स्क्रीन टाइम जानें. फोन यूज को कम करने के लिए नोटिफिकेशन को बंद रखें. जरूरी पोस्ट पर ही रिस्पॉन्ड करें. टाइम लिमिट तय करें. बाहरी दबाव के लिए दोस्त की मदद ले सकते हैं.

 


एक्सरसाइज शुरू करें 
हार्वड यूनिवर्सिटी के अनुसार निष्क्रिय जीवन शैली (passive lifestyle) से मेंटल हेल्थ तेजी से बिगड़ता है. इसलिए आपको चाहिए कि रोज 30 मिनट वॉक करें. 15 मिनट साइकिलिंग करने से भी फायदा होता है. इससे फील गुड हार्मोन एंडॉर्फिन रिलीज होता है.


तनाव बिलकुल न लें
हेल्थ वेबसाइट वेबएमडी के अनुसार तनाव में स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं. जो फीलिंग्स को कंट्रोल करने वाले ब्रेन को इफैक्ट करते हैं. जब भी तनाव में हो वॉक पर जाएं. रोजाना 10 से 15 मिनट डीप ब्रीदिंग करें.


पॉश्चर सही रखें वरना मेंटल एनर्जी घट जाएगी
हार्वड यूनिवर्सिटी के अनुसार जब झुककर बैठते हैं तो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में वृद्धि होती है. इससे आत्मविश्वास कमजोर होता है. इसके लिए हर 25 मिनट में सीट से उठ जाएं. इससे ब्लड फ्लो बढ़ेगा. कुर्सी पर बैठते समय पैरों को फर्श पर रखें. उन्हें क्रॉस करके न बैठें.

 

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