Murder In Indore: सत्यसाईं चौराहा पर सेल्स डायरेक्टर के साथ दिखे बदमाश, स्वजनों ने दोस्त पर शक जताया
Murder In Indore । रियल एस्टेट कंपनी के सेल्स डायरेक्टर देवांशू मिश्रा की हत्या में पुलिस को अहम सुराग मिला है। सत्यसाईं चौराहा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में लाल और काले रंग की बाइक पर बदमाश जाते दिख गए हैं। बदमाश मिश्रा की गाड़ी के साथ-साथ ही चल रहे थे। फुटेज सामने आने के बाद स्वजनों ने रियल एस्टेट कंपनी के कर्मचारी सतीश पर शक जाहिर किया है। पुलिस कंपनी संचालक मोहितसिंह चौहान, कर्मचारी हेमराज से पूछताछ कर रही है।
टीआइ इंद्रमणि पटेल के मुताबिक सतीश पुत्र मुलायमसिंह यादव मूलत: साजोर सिरसोद शिवपुरी का रहने वाला है और केनोपी लगाकर मोहित चौहान की रियल एस्टेट कंपनी फ्यूचर लैंडमार्क में प्लॉट बेचने का काम करता था। गुरुवार दोपहर पुलिस की एक टीम सतीश को घटना स्थल पर ले गई और पूरी घटना का नाट्य रुपांतरण किया। सतीश ने बताया वह दिपांशू के साथ शराब सिंडिकेट आफिस की तरफ से रांग साइड से आ रहा था और बदमाश भी उन्हें देख कर मुड़े थे।
विजय नगर थाना टीआइ तहजीब काजी और इंद्रमणि पटेल ने जब आरएलबी बैंक के
फुटेज निकाले तो काले व लाल रंग की बाइक पर तीन लोग जाते दिख गए। हालांकि
फुटेज स्पष्ट न होने के कारण पहचान नहीं हो पाई। चौराहा पर तो बाइक सवार
बदमाश देवांशू के स्कूटर के साथ ही चल रहे थे। इससे नाजार देवांशू के
स्वजनों ने सतीश पर शक जाहिर किया है। भाई हिमांशु व प्रखर मिश्रा ने कहा
जब देवांशू को खून निकल रहा था तो सतीश अस्पताल क्यों नहीं ले गया। उसने
रात में भी स्वजनों घटना के बारे में नहीं बताया।
पत्नी बोली मैं इंतजार करती रही और मोबाइल बंद हो गया
देवांशू की इसी वर्ष जुलाई में योगा टीचर भारती (भोपाल) से शादी हुई थी। भारती भोपाल के बड़े स्कूल में नौकरी करती है। घटना की सूचना मिलने पर गुरुवार शाम वह सीधे एमवाय अस्पताल पहुंची और शव देख रोने लगी। उसने बताया रात करीब 12.30 बजे कॉल किया था। तब देवांशू ने खुद को व्यस्त बताया और कहा बाद में कॉल करूंगा। इसके बाद उसका फोन ही बंद हो गया। टीआइ के मुताबिक सतीश की बातों का सत्यापन कर रहे है। कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है।
असंवदनशील पुलिस छह घंटे बाद अस्पताल ले गई शव
सूचना मिलने पर पुलिस नौ बजे घटनास्थल पर पहुंच गई लेकिन छह घंटे तक शव रूम में ही पड़ा रहा। सुबह टीआइ-एफएसएल अफसर जांच कर चले गए लेकिन शव पीएम को भेजना भूल गए। दोपहर को एसआइ नर्सिंग यादव, एसआइ अशरफ अली दोबारा मौके पर पहुंचे और डेढ़ घंटा लिखापढ़ी की। दो बजे एएसपी की फटकार के बाद एम्बुलेंस बुलाई और शव नीचे उतारा। चचेरे भाई प्रखर ने स्ट्रेचर मांगा तो कहा एम्बुलैंस वाले शव को हाथ नहीं लगाते। उन्हें इसके लिए 700 रुपये देना पड़ते है।
नौ महीने में 59 लोगों की हत्या हुई, छह हत्या सिर्फ लसूड़िया क्षेत्र में हुई
मुख्यमंत्री की फटकार के बाद भी शहर में अपराध थम नहीं रहे। इस वर्ष अपराधों ने पूराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। पिछले 9 महीने में 59 लोगों की हत्याएं हुई है। जिसमें छह हत्या लसूड़िया थाना क्षेत्र की है। हत्या की कोशिश,लूट,चोरी,वाहन चोरी की गिनती ही नहीं है। पिछले चार दिनों ही तीन लोगों का कत्ल हुआ है। जिसमें टायर व्यवसायी अशोक वर्मा,15 वर्षीय कार्तिक की हत्या शामिल है। टायर व्यवसायी नरेंद्र गेरा के हमलावरों का तो सुराग ही नहीं मिला है।
क्रमांक -अपराध -2019 -2020 -2021
1. -हत्या -62 -58 -59
2. हत्या की कोशिश -95 -67 -81
3. डकैती -03 -02 -08
4. डकैती की तैयारी -17 -26 -16
5. लूट -48 -45 -47
6. चेन लूट -19 -11 -23
7. गृहभेदन -513 -402 -566
8. पशु चोरी -14 -13 -22
9. साधारण चोरी -534 -275 -603
10. वाहन चोरी -2642 -1905 -2860
11. बलवा -25 -40 -49
12. दुष्कर्म -316 -229 -314
13. अपहरण -556 -369 -629
14. अन्य केस -8987 -9494 -10136
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