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Bhopal News: दो दिनों में शहर में हैं 20 हजार शादियां, कलेक्टर ने लगाया डीजे व ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध

 

भोपाल: वर्तमान में कोई परीक्षा नहीं है। वहीं प्रदेश सरकार ने सभी तरह के प्रतिबंध हटा दिए है। इसके ठीक उलट राजधानी के कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं सभी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को विशेष परिस्थितियों में सिर्फ दो घंटे की अनुमति जारी करने के आदेश दिए गए हैं। यह प्रतिबंध ऐसे समय लगाया गया है जब शहर में आगामी दो दिनों में सबसे ज्यादा शादियां है। बताया जा रहा है कि दो दिनों में करीब 20 हजार से अधिक शादियां शहर में होने वाली हैं।

हालांकि इस प्रतिबंध के पीछे कलेक्टर ने तर्क दिया है कि ध्वनि उत्पादक एवं जनक स्त्रोतों को विनियमित और नियंत्रित करने व ध्वनि स्तरों में वृद्धि का मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ने के चलते यह आदेश जारी किया गया है। इधर, इस संबंध में विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि इस तरह का आदेश अभी निकालने के पीछे मंशा समझ से परे है। उन्होंने कहा कि वे कलेक्टर से बात करेंगे, ताकि डीजे संचालकों का रोजगार भी चलता रहे। वहीं डीजे संचालकों का कहना है कि यह आदेश उनके पेट में लात मारने जैसा है, क्योकि दो दिन में ही सबसे ज्यादा शादियां है। ऐसे में अचानक इस तरह का आदेश आने के बाद अनुमति लेने के लिए यहां-वहां भटकना होगा। इससे डीजे संचालकों सहित बैंड-बाजे वालों का रोजगार प्रभावित होगा। वहीं कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा का कहना है कि कलेक्टर के आदेश का विरोध किया जाएगा। यह आदेश डीजे संचालकों के रोजगार पर खलल डालने वाला है।

आदेश में यह भी

- सार्वजनिक स्थानों पर परिसर के अंदर जहां लाउडस्पीकर या सार्वजनिक संबोधन प्रणाली या कोई अन्य ध्यनि स्त्रोत का उपयोग किया जा रहा है तो इसका मानक 10 डीबीए या 75 डीबीए से अधिक नहीं होना चाहिए।

- किसी भी परिस्थिति में अनुमति प्राप्त व्यक्ति संस्था द्वारा भारत सरकार के बनाए नियमों के अनुसार परिवेशी वायु क्वालिटी संबंधी निर्धारित मानक से अधिक ध्वनि का प्रदूषण नहीं करें।
- यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्र की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सुबह 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार की अनुमति से किया जा सकेगा, लेकिन यह अनुमति 02 घंटे से अधिक की नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति कार्यक्रम परिसर में ही दी जाएगी।


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