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आयुर्वेद के अनुसार खाने के साथ क्‍यों नहीं खाना चाहिए फल? एक्‍सपर्ट ने बताई साइंटिफिक वजह

हमारे शरीर को सही तरह से काम करने के लिए कई पोषक तत्वों और विटामिन की आवश्यकता होती है। वहीं यह पोषक तत्व हमें फल और सब्जियों से प्राप्त होते हैं। ऐसे में अक्सर कहा जाता है कि दिन में तीन बार सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए। वहीं फलों को लेकर कहा जाता है कि दिन में दो फलों को जरूर खाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि फलों में मौजूद विटामिन और पोषक तत्व ना केवल आपके शरीर की कमियों को दूर करते हैं। बल्कि यह आपको हाइड्रेट भी रखते हैं।इसके अलावा फलों के सेवन से आपका पेट भरा रहता है और आप फालतू की चीजें खाने से भी बच जाते हैं। जिसकी वजह से वजन भी मैनेज करना आसान हो जाता है। वहीं भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के अनुसार हर भोजन और खाद्य सामग्री का एक निर्धारित समय होता है। साथ ही कुछ खाद्य सामग्री को एक दूसरे के साथ जोड़ने पर नुकसान हो सकते हैं। अगर आप भोजन को मांस, डेयरी उत्पाद, सब्जियों के साथ मिलाकर खाते हैं तो यह कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है।

क्या आप भी अक्सर भोजन के साथ ही फलों का सेवन करते हैं। अगर हां तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसा हम नहीं बल्कि आयुर्वेद कहता है। आइए जानते हैं आखिर क्यों फलों को भोजन के साथ नहीं खाना चाहिए और क्या है फल खाने का सही समय।


आयुर्वेद के अनुसार खाने के साथ क्‍यों नहीं खाना चाहिए फल? एक्‍सपर्ट ने बताई साइंटिफिक वजह

हमारे शरीर को सही तरह से काम करने के लिए कई पोषक तत्वों और विटामिन की आवश्यकता होती है। वहीं यह पोषक तत्व हमें फल और सब्जियों से प्राप्त होते हैं। ऐसे में अक्सर कहा जाता है कि दिन में तीन बार सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए। वहीं फलों को लेकर कहा जाता है कि दिन में दो फलों को जरूर खाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि फलों में मौजूद विटामिन और पोषक तत्व ना केवल आपके शरीर की कमियों को दूर करते हैं। बल्कि यह आपको हाइड्रेट भी रखते हैं।

इसके अलावा फलों के सेवन से आपका पेट भरा रहता है और आप फालतू की चीजें खाने से भी बच जाते हैं। जिसकी वजह से वजन भी मैनेज करना आसान हो जाता है। वहीं भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के अनुसार हर भोजन और खाद्य सामग्री का एक निर्धारित समय होता है। साथ ही कुछ खाद्य सामग्री को एक दूसरे के साथ जोड़ने पर नुकसान हो सकते हैं। अगर आप भोजन को मांस, डेयरी उत्पाद, सब्जियों के साथ मिलाकर खाते हैं तो यह कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है।



​क्यों फलों को भोजन के साथ नहीं करना चाहिए
​क्यों फलों को भोजन के साथ नहीं करना चाहिए

किसी भी तरह के भोजन की तुलना में फल शरीर में जल्दी पचने लगते हैं। ऐसे में जब आप इन्हें भोजन के साथ जोड़ देते हैं तो इससे शरीर में विषाक्त पदार्थ पैदा होने लगते हैं, जिसे अमा के नाम से भी जाना जाता है। विषाक्त पदार्थ बनने की वजह यह होती है कि शरीर पहले भारी भोजन को पचाता है और इस प्रक्रिया में फल लंबे समय शरीर में मौजूद रहते हैं और शरीर इनके पोषक तत्व अवशोषित नहीं कर पाता।

पाचन रस ऐसे में इन न्यूट्रिएंट्स को किणवित करना शुरू कर देता है जो असल में विषैला होता है। इसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा दूध, दही जैसे डेयरी उत्पादों के साथ भी फलों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे त्वचा संबंधित समस्याएं हो सकती हैं जैसे मुंहासे, सोरायसिस और एक्जिमा आदि।



​फलों को क्यों नहीं पकाना चाहिए
​फलों को क्यों नहीं पकाना चाहिए

फलों का रंग आमतौर पर तेज चमकीला होता है जो आग से संबंधित होता है और ऊर्जा को दर्शाते हैं। ऐसे में जब हम फलों को कच्चा ही खाते हैं तो इससे हमारी पाचन अग्नि उत्तेजित होने लगती है और भोजन पचाने की क्रिया को आसान बना देती है। ऐसे में जब फलों को पकाया जाता है तो उनके पोषक तत्व घटने लगते हैं और इससे पाचन अग्नि को कोई लाभ नहीं होता। इसलिए बेहतर होगा कि आप फलों को पकाकर खाने की गलती ना करें।



​फल खाने का सबसे सही समय?
​फल खाने का सबसे सही समय?

फलों के सेवन का सबसे सही समय सुबह का होता है। इस दौरान जब आप खाली पेट ही फलों का सेवन करते हैं तो इससे आपका शरीर अधिकतर पोषक तत्व हासिल कर पाता है। इसके अलावा साधारण कार्ब्स वाले फलों का सेवन एक्सरसाइज से पहले और एक्सरसाइज के बाद भी किया जा सकता है। वहीं सूर्यास्त के बाद आप लो कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, फैट और प्रोटीन युक्त फलों का सेवन कर सकते हैं।



​सुबह 11 से 4 बजे के बीच खाएं फल
​सुबह 11 से 4 बजे के बीच खाएं फल

आप अपने भोजन के समय से पहले फलों का सेवन करें तो यह आपको जरूरी विटामिन और पोषक तत्व प्रदान करेगा। जैसे सुबह 11 बजे से लेकर 4 बजे के बीच का समय फलों के सेवन के लिए उपयुक्त होगा। अगर आपने भोजन देर से किया है तो फलों के सेवन के लिए 30 से 40 मिनट तक इंतजार करें।



​इस समय के बाद फल ना खाएं
​इस समय के बाद फल ना खाएं

आयुर्वेद के अनुसार सूरज ढलने के बाद या 4 बजे के बाद फल खाने से आपकी नींद और पाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है। दरअसल फल में साधारण कार्ब्स होता है जिसे तोड़ना शरीर के लिए आसान होता है। साथ ही यह ऊर्जा और रक्त शर्करा को तुरंत बढ़ा सकता है।

वहीं जब शाम के समय फल खाते हैं तो इससे रात में सोते समय रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है और नींद खलल पैदा हो सकता है। इसके अलावा आपको बता दें शाम के समय हमारा मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और कार्ब्स पचाना मुश्किल भी हो जाता है। ऐसें शाम के समय कार्ब्स की मात्रा को सीमित रखना बेहद जरूरी हो जाता है।





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