क्या है च्यवनप्राश खाने का सही समय और तरीका, किन लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए

अगर आप अपनी लो इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए दवाओं के भरोसे हैं, तो अब आपको च्यवनप्राश का सेवन शुरू कर देना चाहिए। यह इम्यूनिटी को बढ़ाकर आपको स्वस्थ रखने में मदद करेगा।

बचपन में आप सभी ने अपने दादा-दादी, नाना-नानी को च्यवनप्राश खाते देखा होगा। हो सकता है कभी-कभी उन्होंने इसे खाने के लिए आपको भी मजबूर किया हो। स्वाद में बेशक यह इतना स्वादिष्ट न लगे, लेकिन आपके स्वास्थ्य के लिए यह किसी रामबाण से कम नहीं है। खासतौर से सर्दियों में। कहते हैं इन दिनों में बीमारी लोगों के आसपास भी नहीं भटकती और आप हमेशा स्वस्थ बने रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, च्यवनप्राश एक प्राचीन आयुर्वेदिक उपचार है, जो इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाने और बीमारी होने के जोखिम को कम करता है। च्यवनप्राश एक खट्टा-मीठा, चिपचिपा और गहरे रंग का जैम जैसा पदार्थ है, जिसका आप दिन में सेवन कर सकते हैं। इसे संक्रमणों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। आयुर्वेदिक साइंस में स्वीकृत स्वस्थ अवयवों से तैयार किया जाने वाला पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट पेस्ट इम्यून हेल्द को बढ़ावा देने , पोषण देने और आपको अपने स्वास्थ्य को ठीक बनाए रखने में मदद करता है।
आज मार्केट में च्यवनप्राश की कई वैरायटी आपको मिल जाएंगी, जो लोगों को भ्रमित करती हैं कि उन्हें कौन सा चुनना चाहिए। अगर आप च्यवनप्राश नहीं खाते, तो दवा के रूप में ही सही, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इसका सेवन शुरू कर दीजिए। यहां हम आपको बताएंगे इसे खाने का सही तरीका । इसके अलावा यह भी बताएंगे कि अपनी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आप एक सही च्यवनप्राश का चुनाव कैसे कर सकते हैं।
च्यवनप्राश इम्यूनिटी को कैसे बूस्ट करता है

बता दें कि च्यवनप्राश कई तरह की जड़ी-बूटियों और मसालों से तैयार एक पेस्ट जैसा गाढ़ा मिश्रण है। इसमें मौजूद सामग्री में विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। च्यवनप्राश में मुख्य रूप से विटामिन सी से भरपूर आवंला को शामिल किया जाता है। इसके अलावा इसमें कई
जड़ी-बूटियां और मसाले मिलाए जाते हैं, जिनका आयुर्वेद में बहुत महत्व है। इन अवयवों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीकार्सिनोजेनिक और एंटीम्यूटाजेनिक एक्टिविटीज होती हैं। ये
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत
करने और रोग पैदा करने वाले रोगजनकों से लड़ने की शरीर की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।
च्यवनप्राश के अन्य फायदे

ज्यादातर भारतीय घरों में इस हर्बल मिश्रण का सेवन सर्दियों के मौसम में किया जाता है। क्योंकि इस मौसम में तापमान में कमी आने से बीमार होने का संभावना ज्यादा रहती है। लेकिन इसके ढेर लाभों का फायदा लेने के लिए आप चाहें तो सालभर इसका सेवन कर सकते हैं।
के अलावा च्यवनप्राश खाने से श्वसन तंत्र को शुद्ध करने में मदद मिल सकती है। यह न केवल बलगम के निर्माण को कम करता है, बल्कि वायु मार्ग की भी सफाई करने के लिए जाना जाता है।
प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देता है

स्वस्थ अवयवों से निर्मित च्यवनप्राश गैसों के स्वस्थ संचलन को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा च्यवनप्राश प्रजनन प्रणाली को ट्रिगर करने और यौन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है। यह मूल रूप से पुरूष और महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने का बेहतरीन घरेलू उपचार है।
जान लें च्यवनप्राश खाने का सही तरीका

च्यवनप्राश खाना सेहत के लिए फायदेमंद
होता है, लेकिन आपको इसे बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए। इसके ज्यादा सेवन से
, ढीले मल और पेट में गड़बड़ी हो सकती है। वयस्क रोजाना 1 चम्मच च्यवनप्राश को सुबह शाम गुनगुने दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। विशेषज्ञ बच्चों को रोजाना आधा चम्मच च्यवनप्राश खिलाने की सलाह देते हैं।
सांस के मरीज दूध या दही के साथ न खाएं च्यवनप्राश

अस्थमा या सांस की बीमारी से पीड़ित
लोगों को दूध या दही के साथ च्यवनप्राश का सेवन करने से बचना चाहिए। बता दें कि च्यवनप्राश 50 तरह की जड़ी-बूटियों और मसालों को मिलाकर तैयार किया गया है। लेकिन ब्रांड के हिसाब से च्यवनप्राश में सामग्री की संख्या अलग-अलग हो सकती है। इसे खरीदने से पहले बोतल पर मौजदू सामग्री को जरूर पढ़ें।
च्यवनप्राश किसे नहीं खाना चाहिए

च्यवनप्राश
को खट्टा मीठा स्वाद देने के लिए इसे तैयार करने के दौरान चीनी, गुड़ या शहद का उपयोग किया जाता है। इसलिए जिन लोगों को हाई ब्लड शुगर लेवल की समस्या है, उन्हें इसका सेवन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। यदि ब्लड शुगर कंट्रोल है, तो व्यक्ति
हर दिन लगभग 3 ग्राम च्यवनप्राश खा सकता है
। किसी भी मामले में डायबिटीज के रोगी के लिए च्यवनप्राश को अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा विकल्प है।
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