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CDC ने जारी किए नए नियम- कोरोना पॉजिटिव होते ही तुरंत करें ये 4 काम, जल्दी टूटेगी कोविड चेन

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है। ओमीक्रोन (Omicron) के आने के बाद हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं। इस घातक वेरिएंट के आने के बाद में भारत में कोरोना के नए दैनिक मामले दो लाख के ज्यादा हो गए हैं। कोरोना का कोई स्थायी इलाज नहीं है और इसी वजह से एक्सपर्ट कोरोना से बचाव और रोकथाम के लिए टीकाकरण और कोरोना से जुड़े अन्य नियमों को पालन करने की सलाह दे रहे हैं। ओमीक्रोन के लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं बताए जा रहे हैं और यही वजह है कि अधिकतर लोग इसे हल्के में ले रहे हैं और आसानी से इसकी चपेट में आ जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इसके लक्षणों का घर में ही इलाज हो सकता है। इस बीच सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (CDC) ने क्वारंटाइन और आइसोलेशन से जुड़े दिशा-निर्देशों में बदलाव किया है और लोगों से इसका सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। संस्था ने कहा है कि क्वारंटाइन उन लोगों के लिए है, जो कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वो भी तो बीमार नहीं हैं। आइसोलेशन उन लोगों के लिए है, जो कोरोना मरीज के संपर्क में आए हैं और बीमार नहीं हैं। चलिए जानते हैं कि सीडीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार आपको उस समय क्या करना चाहिए, जब आप किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आ गए हों।

Corona se bchne ke upay: एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इसके लक्षणों का घर में ही इलाज हो सकता है। इस बीच सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (CDC) ने क्वारंटाइन और आइसोलेशन से जुड़े दिशा-निर्देशों में बदलाव किया है और लोगों से इसका सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।


Covid guidelines: CDC ने जारी किए नए नियम- कोरोना पॉजिटिव होते ही तुरंत करें ये 4 काम, जल्दी टूटेगी कोविड चेन

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है।

ओमीक्रोन (Omicron)

के आने के बाद हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं। इस घातक वेरिएंट के आने के बाद में भारत में कोरोना के नए दैनिक मामले दो लाख के ज्यादा हो गए हैं। कोरोना का कोई स्थायी इलाज नहीं है और इसी वजह से एक्सपर्ट कोरोना से बचाव और रोकथाम के लिए टीकाकरण और कोरोना से जुड़े अन्य नियमों को पालन करने की सलाह दे रहे हैं।

ओमीक्रोन के लक्षण

ज्यादा गंभीर नहीं बताए जा रहे हैं और यही वजह है कि अधिकतर लोग इसे हल्के में ले रहे हैं और आसानी से इसकी चपेट में आ जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इसके लक्षणों का घर में ही इलाज हो सकता है। इस बीच

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (CDC)

ने क्वारंटाइन और आइसोलेशन से जुड़े दिशा-निर्देशों में बदलाव किया है और लोगों से इसका सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।

संस्था ने कहा है कि क्वारंटाइन उन लोगों के लिए है, जो

कोरोना पॉजिटिव

के संपर्क में आए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वो भी तो बीमार नहीं हैं। आइसोलेशन उन लोगों के लिए है, जो कोरोना मरीज के संपर्क में आए हैं और बीमार नहीं हैं। चलिए जानते हैं कि सीडीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार आपको उस समय क्या करना चाहिए, जब आप किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आ गए हों।



कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने के बाद क्या करें
कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने के बाद क्या करें

अगर आपको पिछले छह महीनों के भीतर टीका लगा है, तो

सीडीसी

का कहना है कि ऐसे में आपको आप वायरस के संपर्क में हैं तो आपको क्वारंटाइन और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है। फिर भी आप दस दिनों तक दूसरों के आसपास मास्क पहनें, उन जगहों पर न जाएं जहां आप मास्क नहीं पहन सकते, एक्सपोजर के बाद दस दिनों तक लक्षणों पर नजर रखें और यात्रा से बचें। किसी संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आने के पांच दिन बाद टेस्ट कराएं। पहला दिन एक्सपोजर के बाद का पहला पूरा दिन माना जाता है। यदि आपकी रिपोर्ट निगेटिव है, तो एक्स्ट्रा पांच दिनों के लिए मास्क पहनना जारी रखें।



रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर क्या करना चाहिए?
रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर क्या करना चाहिए?

सीडीसी के अनुसार,

कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद

मरीज को पांच दिनों के लिए अलग रहना चाहिए। अगर आपने ऐसा नहीं किया है, तो घर पर पहनने के लिए एक अच्छी तरह से फिट होने वाला

मास्क

लें ताकि आपके घर में वायरस फैलने के जोखिम को कम किया जा सके। इस दौरान पांच काम करें। पहला-किसी के संपर्क में न आएं, दूसरा- घर से बाहार न निकलें, तीसरा- घर में अपना अलग सामान इस्तेमाल करें, चौथा- जब तक घर में, तब तक मास्क पहनना जारी रखें।



लक्षणों पर रखें नजर
लक्षणों पर रखें नजर

सीडीसी

ने कहा है कि आइसोलेशन के दौरान अपने लक्षणों की निगरानी करें। अगर आपके लक्षण पांच दिनों के बाद ठीक हो जाते हैं और आपको कम से कम 24 घंटे तक बुखार नहीं रहता है, तो आप आइसोलेशन छोड़ सकते हैं। हालांकि इसके पांच दिनों के बाद भी

मास्क पहनना जारी रखें।

यदि आप पांच दिनों के बाद भी लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो जब तक लक्षण खत्म नहीं होते, तब तक आपको आइसोलेशन में रहना चाहिए।



टीका नहीं लगवाने वाले लोग क्या करें
टीका नहीं लगवाने वाले लोग क्या करें

अगर किसी को

टीका नहीं लगा है

और वो किसी पॉजिटिव के संपर्क में आया है, तो उसे क्वारंटाइन के दौरान पांच दिनों तक घर में और लोगों से दूर रहना चाहिए। यात्रा से बचें। गंभीर जोखिम वाले लोगों के आसपास रहने से बचें। एक्सपोजर के बाद 10 दिनों के लिए

लक्षणों की निगरानी करें।

क्वारंटाइन के दौरान अगर लक्षण दिखे तो तुरंत जांच कराएं। यहां तक कि अगर आप लक्षण विकसित नहीं करते हैं, तोभी पांच दिनों के बाद परीक्षण कराएं।



रिपोर्ट निगेटिव या पॉजिटिव आने पर क्या करें
रिपोर्ट निगेटिव या पॉजिटिव आने पर क्या करें

यदि आपकी रिपोर्ट निगेटिव आई है, तो आइसोलेशन छोड़ सकते हैं, लेकिन फिर भी अतिरिक्त पांच दिनों के लिए दूसरों के आस-पास अच्छी तरह से फिट

मास्क

पहनना चाहिए। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव है, तो पांच एक्स्ट्रा दिनों के लिए अलग रहने की कोशिश करें और इस दौरान घर से न निकलें, दूसरों के संपर्क में आने से बचें, एक अलग कमरे में अकेले होने तक अच्छी तरह से फिट मास्क पहनें, घर के अन्य सदस्यों से अलग बिस्तर और स्नानघर का प्रयोग करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।





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