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कौन था हरदीप सिंह निज्‍जर


New Delhi
: मूल रूप से जालंधर के भार सिंह पुरा गांव का रहने वाला हरदीप सिंह निज्‍जर पिछले कई सालों से कनाडा का स्थायी नागरिक था। उनके खिलाफ कई आतंकी मुकदमे दर्ज हैं। पंजाब में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के 2020 सिख रेफरेंडम अभियान से जुड़े मामले हों या टारगेटेड किलिंग के। इनमें RSS सभाओं पर फायरिंग, पंजाब में एक हिंदू पुजारी और मंदिर स्‍टाफ की हत्या शामिल है। भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सिख युवाओं को हथियार मुहैया कराने का आरोप भी उसपर है।

निज्जर तब चर्चा में आया जब उसने वैंकूवर में भारतीय कांसुलेट पर 80 फुट ऊंचा खालिस्तानी झंडा लहराया। पंजाब, हरियाणा, दिल्‍ली और राजस्‍थान में KTF ऑपरेटिव्‍स के ऑर्गनाइज्‍ड क्राइम वाले सिंडिकेट के NIA वाले मामलों में भी निज्‍जर का नाम आया। 2022 में NIA ने निज्जर की गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा। 2020 में NIA ने जालंधर में उसकी संपत्तियां अटैच कीं।

कई कट्टरपंथी कनाडाई सिखों ने निज्जर की हत्या की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि खालिस्‍तान की आवाज उठाने वाले सिख नेताओं को चुप कराया जा रहा है। इस आरोप में यह डर भी छिपा है कि वे खालिस्तान कट्टरपंथी जो विदेश में लोकेशन का फायदा उठाकर भारत-विरोधी साजिश रचते हैं, अब सेफ नहीं रह गए हैं।

निज्जर ने खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में पेश कर रहा था। कनाडा के स्‍वतंत्र पत्रकार गुरप्रीत सिंह ने पाकिस्तान में पंजवार की हत्या के बाद सोमवार को निज्जर के साथ इंटरव्‍यू पब्लिक किया था। इस दौरान उसने दावा किया था कि उसे भारतीय खुफिया एजेंसियों से खतरा है। सरकार के उसे नौ अन्‍य खालिस्तानी एक्टिविस्‍ट्स संग 'इंडिविजुअल टेररिस्ट' घोषित करने के कदम का जिक्र करते हुए निज्जर ने कहा था, 'देखते हैं और कौन हिट लिस्ट में है। यहां की एजेंसियां हमें अलर्ट करती आई हैं और हम एजेंसियों को बताते आए हैं कि मानवाधिकार उल्लंघन की बात करने वालों को कॉन्‍ट्रैक्‍ट किलर्स मार सकते हैं।'