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कुछ देर में ये नज़ारा भी बदल जाएगा

September 29, 2019
कुछ देर में ये नज़ारा भी बदल जाएगा ये आसमाँ ये सितारा भी बदल जाएगा कितना मोड़ पाओगे दरिया का रास्ता किसी  दिन किनारा भी बदल जाएगा दूसरों के ...Read More

मैकदा और मीना अच्छा लगता है

October 27, 2018
प्यास कब से थी मरघटों सी मेरे लबों पे तुझे पा के फिर से जीना अच्छा लगता है तेरे चेहरे पे मुस्कान की कलियाँ यूँ ही खिलती रहें तेरे लिए हज़ार ज़...Read More

हम आपकी तारीफों के पुल बाँध तो देंगे

October 18, 2018
चाशनी ही चाशनी घुल जाएगी बातों में अपनी सोच में जरा मोहब्बत तो लाइए बेरुखी के सब सिलसिले खत्म हो जाएँगे तआरुफ़ में मुसलसल तरावट तो लाइए हुश्न...Read More

मेरे इश्क़ का सफर अभी जारी है

October 15, 2018
आँखों में नशा, जिस्म में खुमारी है मेरे इश्क़ का सफर अभी जारी है मुझे देख वो हया में लिपट जाती हैं कुछ तो है ऐसा जिसकी राजदारी है इश्क़ कैसे न...Read More

जैसे राधा, कृष्ण के अंग लगती होगी

October 12, 2018
एक हम ही तो नहीं बेकरार यहाँ चाँदनी रातों में वो भी जागती होगी दुआओं में निगाह जो उठती होगी कुछ और नहीं वो हमें माँगती होगी जिस चौखट पर मेरी...Read More

काश! तुम मेरे प्यार को समझ पाती

October 11, 2018
काश! तुम मेरे प्यार को समझ पाती परिणय की परिपाटी में तुम पर न्यौछावर हुआ तुम्हें अपना वर्तमान और भविष्य माना हर पग तेरे साथ चलने की कोशिश की...Read More

मुझे नयन कारे-कारे ला के दे दो

October 09, 2018
शाम ढ़ल चुकी,मुझे आसमाँ के तारे ला के दे दो एक,दो नहीं चाहिए,मुझे सारे के सारे ला के दे दो जिस में छिपा सकूँ मैं अपने सारे ख़्वाब हसीन किसी गो...Read More

नदी किनारे रेत पर ढूँढता हूँ बचपन के निशान

October 06, 2018
नदी किनारे रेत पर ढूँढता हूँ बचपन के निशान सख़्त गर्मी की शामों में अक्सर रेत पर बैठकर ठंडी वयार और शीतल लहरों का आनंद लेना ढलते सूरज की लाल...Read More

न रख इतना नाज़ुक दिल

September 20, 2018
इश्क़ किया तो फिर न रख इतना नाज़ुक दिल माशूक़ से मिलना नहीं आसां ये राहे मुस्तक़िल तैयार मुसीबत को न कर सकूंगा दिल मुंतकिल क़ुर्बान इस ग़म को ति...Read More

इनकी हाथों में दो टुकड़ा आसमाँ दिया करें

September 19, 2018
जिनको जीना है,वो उनकी आँखों से जाम पिया करें और इसी तरह अपने जीने का सामान किया करें खुदा किसी के मकाँ का शौकीन तो नहीं रहा तो दिल में ही कभ...Read More

मासूमों के चेहरे सियासी खून से क्यों धो रहे हो

September 12, 2018
अपने खेतों,अपने बगीचों में जहर क्यों बो रहे हो मासूमों के चेहरे सियासी खून से क्यों धो रहे हो तुमने ही खुद जलाई हैं सारी की सारी बस्तियाँ अब...Read More

यहाँ पहुँचते-पहुँचते दरिया मर गया होगा

September 12, 2018
उसका वहशीपन देखकर मैं काँप गया हूँ वो बच्चियों का क्या हश्र कर गया होगा रेगिस्तान के सीने में कैद कितनी जुल्में है यहाँ पहुँचते-पहुँचते दरिय...Read More

तुझे चाहिए तो तू मेरा जिस्मों-जान रख

September 12, 2018
तुझे चाहिए तो तू मेरा जिस्मों-जान रख पर अपनी तबियत में भी थोड़ा ईमान रख तेरा घर क्यों बहुत सूना-सूना लगता है मेरी मान,घर में कोई बेटी सा भगवा...Read More

जवानी जो आई बचपन की हुड़दंगी चली गई

September 08, 2018
जवानी जो आई बचपन की हुड़दंगी चली गई दफ़्तरी से हुए वाबस्ता तो आवारगी चली गई शौक़ अब रहे न कोई ज़िंदगी की भागदौड़ में दुनियाँ के दस्तूर में मिरि...Read More

वो ज़माने का ही हुआ, पर मेरा राज़दार न हुआ

September 07, 2018
उसको तोहमतें ज़्यादा मिली,तारीफें बहुत कम जो अच्छा तो बहुत हुआ पर खुद्दार न हुआ ।।2।। सारी ज़िन्दगी खोल के रख दी उसके सामने वो ज़माने का ही हुआ...Read More